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होम लोन पर टैक्स छूट: पुरानी या नई व्यवस्था?

LoanReveal · अंग्रेज़ी में पढ़ें

संक्षेप में: ख़ुद रहने वाले घर के लिए होम लोन टैक्स छूट सिर्फ़ पुरानी व्यवस्था में मिलती है: ब्याज पर सालाना ₹2 लाख तक और मूलधन पर ₹1.5 लाख तक (कुल 80C सीमा में). नई व्यवस्था (डिफ़ॉल्ट) ख़ुद रहने वाले घर पर कटौती नहीं देती, पर उसकी दरें कम हैं.

इसलिए सिर्फ़ होम लोन से व्यवस्था तय नहीं होती. दोनों तरह से कुल टैक्स निकालें और जो कम हो, वह चुनें.

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पुरानी व्यवस्था की छूट

  • ब्याज (धारा 24(b)): ख़ुद रहने वाले घर पर सालाना ₹2 लाख तक. निर्माण पूरा होने से पहले का ब्याज निर्माण पूरा होने के साल से पाँच बराबर हिस्सों में, उसी सीमा में.
  • मूलधन (धारा 80C): सालाना ₹1.5 लाख तक, EPF, PPF, जीवन बीमा के साथ बँटकर. ख़रीद के साल की स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन भी इसमें आते हैं.
  • संयुक्त लोन: EMI चुकाने वाला हर सह-मालिक सह-कर्ज़दार अपनी सीमा ले सकता है, यानी दंपती को दोगुनी छूट.
  • किराये पर दिया घर: ब्याज पर ₹2 लाख की सीमा नहीं, पर घर की आय का घाटा दूसरी आय से सालाना सिर्फ़ ₹2 लाख तक घटा सकते हैं.

ये कटौतियाँ कितनी काम की

एक कर्ज़दार को पुरानी व्यवस्था में, ₹2 लाख ब्याज और ₹1.5 लाख मूलधन पूरा इस्तेमाल करने पर सालाना अधिकतम बचत:

टैक्स स्लैबसालाना बचत
30%₹1,09,200
20%₹72,800
5%₹18,200

असल में कई नौकरीपेशा लोगों की 80C सीमा EPF से ही ज़्यादातर भर जाती है, इसलिए मूलधन का अतिरिक्त फ़ायदा कम होता है. ब्याज की कटौती आम तौर पर बड़ी होती है.

कौन-सी व्यवस्था चुनें?

  • पुरानी व्यवस्था में लेने वाली सारी कटौतियाँ जोड़ें: होम लोन ब्याज, 80C, HRA, हेल्थ इंश्योरेंस आदि.
  • दोनों व्यवस्थाओं में टैक्स निकालें: इनकम टैक्स कैलकुलेटर या होम लोन टैक्स छूट कैलकुलेटर.
  • जो कम हो, वह चुनें. बड़ा होम लोन ब्याज और अन्य कटौतियाँ हों तो अक्सर पुरानी फ़ायदेमंद; कम कटौतियाँ हों तो नई.
  • नौकरीपेशा आम तौर पर हर साल रिटर्न भरते समय व्यवस्था बदल सकते हैं.

आयकर अधिनियम, 2025 ने 1 अप्रैल 2026 से 1961 का अधिनियम बदला और कई धाराओं के नंबर बदले; प्रकाशित जानकारी के अनुसार ये छूट और सीमाएँ वैसी ही हैं. रिटर्न भरने से पहले टैक्स सलाहकार से पक्का करें.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या नई व्यवस्था में होम लोन ब्याज पर छूट मिलती है?

ख़ुद रहने वाले घर पर नहीं. किराये पर दिए घर का ब्याज उसी घर की किराया आय से घटा सकते हैं, पर घाटा दूसरी आय से नहीं घटा सकते.

क्या सिर्फ़ टैक्स छूट के लिए होम लोन चालू रखें?

आम तौर पर नहीं. कटौती ब्याज का सिर्फ़ कुछ हिस्सा (अधिकतम 30% और सेस) लौटाती है. इमरजेंसी फ़ंड हो तो पहले चुकाने से आम तौर पर ज़्यादा बचत होती है.

क्या पति-पत्नी दोनों को छूट मिलती है?

हाँ, अगर दोनों सह-मालिक और सह-कर्ज़दार हों और दोनों EMI चुकाते हों. पुरानी व्यवस्था में हर एक को ₹2 लाख ब्याज और अपनी 80C सीमा.

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जो चाहिए वह नहीं मिला?

बताइए आप कौन-सा लोन या कैलकुलेटर ढूँढ रहे हैं. हम हर अनुरोध पढ़ते हैं और सबसे ज़्यादा माँगे गए जोड़ते हैं.

कृपया खाता नंबर या कोई निजी जानकारी न लिखें.