क्या नो-कॉस्ट EMI सच में मुफ़्त है? छुपे ख़र्च
LoanReveal · अंग्रेज़ी में पढ़ें
संक्षेप में: नो-कॉस्ट EMI सस्ती है, पर मुफ़्त नहीं. बैंक ब्याज लेता ही है; विक्रेता उस ब्याज जितनी छूट देता है. फिर भी आपको ब्याज पर 18% GST, अक्सर प्रोसेसिंग फ़ीस, और कभी-कभी एक साथ पैसे देने पर मिलने वाली छूट छोड़नी पड़ती है.
₹50,000 के फ़ोन पर 6 महीने के लिए यह ख़र्च आम तौर पर कुछ सौ रुपये होता है. पर EMI चुनने से ₹2,500 की छूट छोड़नी पड़े तो ख़र्च ₹3,140 हो जाता है, यानी सालाना लगभग 22.44% पर लोन लेने जैसा.
नो-कॉस्ट EMI असल में कैसे चलती है
- बैंक अपनी सामान्य EMI ब्याज दर (जैसे सालाना 16%) आपको दी गई रकम पर लेता है.
- विक्रेता या ब्रांड उस ब्याज जितनी छूट पहले ही दे देता है, इसलिए आपकी सारी EMI मिलाकर ठीक सामान की कीमत होती हैं.
- कार्ड स्टेटमेंट पर हर महीने ब्याज दिखता ही है, साथ में उस ब्याज पर 18% GST. छूट ब्याज की भरपाई करती है, GST की नहीं.
- कई बैंक ख़रीदारी को EMI में बदलने के लिए एक बार की प्रोसेसिंग फ़ीस और उस पर GST लेते हैं.
असली ख़र्च: उदाहरण
₹50,000 का फ़ोन, 6 महीने की नो-कॉस्ट EMI, कार्ड की EMI दर 16%, ₹199 प्रोसेसिंग फ़ीस:
| ब्योरा | रकम |
|---|---|
| मासिक EMI | ₹8,333 |
| बैंक का लिया ब्याज | ₹2,253 |
| …नो-कॉस्ट छूट से भरपाई | − ₹2,253 |
| उस ब्याज पर 18% GST | ₹406 |
| प्रोसेसिंग फ़ीस (GST सहित) | ₹235 |
| एक साथ देने की तुलना में असली अतिरिक्त ख़र्च | ₹640 |
₹50,000 पर लगभग ₹640 का ख़र्च कम है, सालाना लगभग 4.4%. पर असली दिक़्क़त आगे है.
सबसे बड़ा छुपा ख़र्च: छोड़ी गई छूट
सेल में अक्सर कार्ड या UPI से एक साथ पैसे देने पर तुरंत छूट मिलती है, और नो-कॉस्ट EMI चुनने पर वह नहीं मिलती. यह छोड़ी गई छूट EMI का असली ख़र्च है.
| विकल्प | अतिरिक्त ख़र्च |
|---|---|
| नो-कॉस्ट EMI, कोई छूट नहीं छोड़ी | ₹640 |
| नो-कॉस्ट EMI, ₹2,500 की छूट छोड़कर | ₹3,140 |
| …सालाना दर में | 22.44% |
| सामान्य कार्ड EMI 16% (तुलना के लिए) | ₹3,019 |
₹2,500 छोड़ने पर "मुफ़्त" EMI सालाना लगभग 22.44% पड़ती है, जो आम पर्सनल लोन से भी ज़्यादा है. EMI चुनने से पहले एक साथ देने की कीमत देख लें.
नो-कॉस्ट EMI कब सही (और कब नहीं)
सही विकल्प, जब:
- सामान अभी चाहिए और हर EMI आराम से दे सकते हैं.
- एक साथ देने पर अतिरिक्त छूट नहीं, या बहुत छोटी है.
- प्रोसेसिंग फ़ीस कम है या माफ़ है.
दोबारा सोचें, जब:
- एक साथ देने पर अच्छी छूट मिलती है (वही छूट असल में आपका दिया ब्याज है).
- पहले से कई EMI चल रही हैं; हर EMI कार्ड की लिमिट रोकती है और मासिक बोझ बढ़ाती है.
- कोई EMI छूट सकती है. लेट फ़ीस और ब्याज जल्दी ही फ़ायदा ख़त्म कर देते हैं.
जो भी चुनें, उसके बजाय कार्ड का बिल कभी बिना चुकाए न छोड़ें. रिवॉल्विंग क्रेडिट कार्ड ब्याज अक्सर सालाना 36% से 45% होता है.
अपना ऑफ़र जाँचें
कीमत, अवधि, कार्ड की EMI दर, फ़ीस और छोड़नी पड़ने वाली छूट नो-कॉस्ट EMI कैलकुलेटर में डालें. असली अतिरिक्त ख़र्च और वह सालाना कितनी दर पड़ता है, दिखेगा.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या नो-कॉस्ट EMI पर GST देना पड़ता है?
हाँ. हर EMI के ब्याज वाले हिस्से पर और प्रोसेसिंग फ़ीस पर 18% GST लगता है. नो-कॉस्ट छूट सिर्फ़ ब्याज की भरपाई करती है, इसलिए GST अतिरिक्त ख़र्च है.
क्या नो-कॉस्ट EMI एक साथ देने से बेहतर है?
तभी, जब एक साथ देने पर अतिरिक्त छूट न हो और EMI आराम से चल सकें. एक साथ देने पर छूट मिले, तो वह आम तौर पर EMI के GST और फ़ीस से ज़्यादा होती है.
क्या नो-कॉस्ट EMI से क्रेडिट स्कोर पर असर पड़ता है?
अप्रत्यक्ष रूप से. ख़रीदारी चुकने तक कार्ड की लिमिट रुकी रहती है, जिससे क्रेडिट इस्तेमाल बढ़ता है. हर EMI समय पर देने से स्कोर ठीक रहता है; चूकने से नुक़सान होता है.