टॉप-अप होम लोन या पर्सनल लोन?
LoanReveal · अंग्रेज़ी में पढ़ें
संक्षेप में: आपका पहले से होम लोन है तो टॉप-अप लोन आम तौर पर पर्सनल लोन से सस्ता होता है, क्योंकि यह घर पर गिरवी होता है. पर इसे मिलने में ज़्यादा समय लगता है, घर पर कर्ज़ बढ़ता है, और यह तभी सस्ता है जब मिलती-जुलती अवधि में चुकाया जाए.
₹5 लाख, 5 साल के लिए: 9.25% टॉप-अप पर ब्याज लगभग ₹1,26,396, जबकि 12% पर्सनल लोन पर ₹1,67,338.
टॉप-अप बनाम पर्सनल लोन एक नज़र में
| टॉप-अप होम लोन | पर्सनल लोन | |
|---|---|---|
| दर | होम लोन की दर के क़रीब, आम तौर पर बदलने वाली | आम तौर पर कुछ प्रतिशत ज़्यादा, आम तौर पर फ़िक्स्ड |
| गिरवी | आपका घर (पहले से गिरवी) | नहीं |
| अवधि | अक्सर होम लोन की बची अवधि तक | आम तौर पर 5–7 साल तक |
| रफ़्तार | कुछ दिन से हफ़्ते (प्रॉपर्टी जाँच) | कुछ घंटे से दिन |
| पात्रता | होम लोन का अच्छा भुगतान रिकॉर्ड, अक्सर 6–12 EMI | आय और क्रेडिट स्कोर |
| जल्दी बंद करना | बदलती दर और ग़ैर-कारोबारी इस्तेमाल पर शुल्क नहीं | फ़िक्स्ड दर के लोन पर शुल्क हो सकता है |
ख़र्च का अंतर
₹5 लाख का लोन:
- पर्सनल लोन 12%, 5 साल: EMI ₹11,122, ब्याज ₹1,67,338.
- टॉप-अप 9.25%, 5 साल: EMI ₹10,440, ब्याज ₹1,26,396, बचत ₹40,942.
- टॉप-अप 9.25%, 10 साल: EMI सिर्फ़ ₹6,402, पर ब्याज ₹2,68,169, पर्सनल लोन से ज़्यादा.
कम दर का फ़ायदा तभी है जब टॉप-अप को बहुत ज़्यादा साल न खींचें. जितनी कम अवधि चल सके वह लें, या जल्दी चुका दें.
फ़ीस जोड़कर
टॉप-अप में प्रोसेसिंग फ़ीस के साथ लीगल और वैल्यूएशन शुल्क होते हैं, क्योंकि ऋणदाता प्रॉपर्टी दोबारा जाँचता है. पर्सनल लोन में सिर्फ़ प्रोसेसिंग फ़ीस, पर अक्सर ज़्यादा. मान लें टॉप-अप पर 0.5% फ़ीस और ₹7,500 दूसरे शुल्क, और पर्सनल लोन पर 2% फ़ीस, दोनों 5 साल:
- टॉप-अप: फ़ीस ₹10,450, कुल ख़र्च ₹1,36,846, APR 10.16%.
- पर्सनल लोन: फ़ीस ₹11,800, कुल ख़र्च ₹1,79,138, APR 13.06%.
लीगल और वैल्यूएशन जैसे तय शुल्क छोटे टॉप-अप पर ज़्यादा भारी पड़ते हैं. ₹1-2 लाख की ज़रूरत पर अंतर घट जाता है, इसलिए दरों के बजाय हर ऋणदाता के Key Facts Statement के APR की तुलना करें.
कितना टॉप-अप मिल सकता है?
होम लोन और टॉप-अप मिलाकर प्रॉपर्टी की मौजूदा कीमत के तय हिस्से तक सीमा होती है. होम लोन के लिए RBI की LTV सीमा: ₹30 लाख तक 90%, ₹30 से ₹75 लाख 80%, उससे ऊपर 75%. दूसरे इस्तेमाल के लिए ऋणदाता कम सीमा रख सकते हैं, और देखते हैं कि दोनों EMI आपकी आय में फ़िट हों.
अभी ₹80 लाख के घर पर ₹35 लाख बाक़ी हो तो LTV सीमा में कुल लगभग ₹64,00,000 मिल सकते हैं, यानी काग़ज़ पर लगभग ₹29,00,000 तक की गुंजाइश. असल में आय और ऋणदाता की नीति आम तौर पर कम आँकड़ा तय करती है.
क्या चुनें?
टॉप-अप सही है जब: थोड़ा इंतज़ार कर सकते हैं, रकम बड़ी है, भुगतान रिकॉर्ड साफ़ है, और पर्सनल लोन जितनी या कम अवधि में चुकाएँगे.
पर्सनल लोन सही है जब: पैसे जल्दी चाहिए, रकम छोटी है, साल-दो साल में चुकाएँगे, या घर पर और कर्ज़ नहीं चाहिए.
छुट्टी जैसे न टिकने वाले ख़र्च के लिए दोनों से बचें. होम लोन की अवधि में फैलाने पर सालों तक उसके पैसे भरते रहेंगे.
टैक्स और दूसरी बातें
- टॉप-अप के ब्याज पर धारा 24(b) की छूट सिर्फ़ तब, जब पैसा घर ख़रीदने, बनाने, मरम्मत या नवीनीकरण में लगे, और सिर्फ़ पुरानी टैक्स व्यवस्था में. ख़ुद रहने वाले घर के लिए मरम्मत/नवीनीकरण लोन के ब्याज पर सालाना ₹30,000 सीमा, कुल ₹2 लाख सीमा के भीतर. बिल सबूत के तौर पर रखें.
- मरम्मत/नवीनीकरण वाले टॉप-अप का मूलधन भुगतान धारा 80C में नहीं गिना जाता.
- बदलती दर वाला टॉप-अप होम लोन की तरह रेपो दर के साथ बदलता है. पर्सनल लोन की फ़िक्स्ड EMI नहीं बदलती.
- टॉप-अप से घर पर कर्ज़ बढ़ता है. EMI चूकने पर सिर्फ़ क्रेडिट स्कोर नहीं, घर ख़तरे में आता है. ज़रूरत भर ही लें.
अपने ऑफ़र की तुलना करें
टॉप-अप और पर्सनल लोन ऑफ़र ऑफ़र की तुलना में डालकर EMI, कुल ख़र्च और APR देखें. सिर्फ़ पर्सनल लोन के लिए पर्सनल लोन EMI कैलकुलेटर इस्तेमाल करें. होम लोन नए ऋणदाता के पास ले जा रहे हों तो पहले बैलेंस ट्रांसफ़र कैलकुलेटर देखें.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
टॉप-अप होम लोन क्या है?
आपके मौजूदा होम लोन पर उसी प्रॉपर्टी की गिरवी पर दिया गया अतिरिक्त लोन. अच्छे भुगतान रिकॉर्ड वालों को मिलता है, और ज़्यादातर निजी ज़रूरतों में इस्तेमाल हो सकता है, पर कुछ ऋणदाता सट्टे या शेयर ख़रीद जैसे इस्तेमाल मना करते हैं.
क्या टॉप-अप पर्सनल लोन से सस्ता है?
दर आम तौर पर कम होती है, अक्सर होम लोन के क़रीब. मिलती-जुलती अवधि में चुकाएँ तो कुल मिलाकर सस्ता; बहुत साल खींचें तो कुल ब्याज ज़्यादा हो सकता है. छोटी रकम पर लीगल और वैल्यूएशन शुल्क बचत घटा देते हैं.
क्या दूसरे बैंक से टॉप-अप मिल सकता है?
आम तौर पर तभी जब होम लोन ही वहाँ ले जाएँ. प्रॉपर्टी के काग़ज़ मौजूदा ऋणदाता के पास होने से दूसरा ऋणदाता आम तौर पर बैलेंस ट्रांसफ़र के साथ ही टॉप-अप देता है. ट्रांसफ़र और टॉप-अप की अलग-अलग तुलना करें.
क्या टॉप-अप से होम लोन की EMI बदलती है?
आम तौर पर नहीं. ज़्यादातर ऋणदाता टॉप-अप को अपनी EMI और अवधि वाले अलग खाते के रूप में चलाते हैं. होम लोन की EMI वैसी ही रहती है और कुल मासिक ख़र्च टॉप-अप EMI जितना बढ़ता है.
क्या टॉप-अप बिना शुल्क पहले चुका सकते हैं?
बदलती दर वाला और किसी व्यक्ति ने ग़ैर-कारोबारी काम के लिए लिया हो तो RBI नियमों के तहत फ़ोरक्लोज़र या आंशिक भुगतान शुल्क नहीं. फ़िक्स्ड दर या कारोबार के लिए हो तो शुल्क लग सकता है. Key Facts Statement में यह लिखा होता है.