Key Facts Statement से ज़्यादा शुल्क लिया गया?
LoanReveal · अंग्रेज़ी में पढ़ें
1 अक्टूबर 2024 से मंज़ूर लोन पर, Key Facts Statement (KFS) में न लिखा शुल्क आपकी स्पष्ट सहमति के बिना नहीं लिया जा सकता. KFS के APR में ऋणदाता का हर शुल्क, बीमा और दूसरे थर्ड-पार्टी शुल्क समेत, होना चाहिए.
हमारे KFS / APR जाँच से आँकड़े जाँचें, ऋणदाता से लिखित ब्योरा और रिफ़ंड माँगें, और हल न हो तो RBI लोकपाल के पास जाएँ.
नियम क्या कहते हैं
- दस्तख़त से पहले KFS: RBI के KFS नियमों (अप्रैल 2024) के तहत 1 अक्टूबर 2024 से मंज़ूर सभी नए रिटेल और MSME टर्म लोन पर KFS देना, समझाना और आपकी पावती लेना ज़रूरी है. यह आपकी समझ की भाषा में होना चाहिए.
- KFS के बाहर कोई शुल्क नहीं: KFS में न लिखी फ़ीस और शुल्क लोन के किसी भी चरण में आपकी स्पष्ट सहमति के बिना नहीं लिए जा सकते.
- ईमानदार APR: APR में ब्याज और ऋणदाता के सभी शुल्क, साथ ही आपसे लिए गए बीमा, लीगल फ़ीस जैसे थर्ड-पार्टी शुल्क (अलग दिखाकर) होने चाहिए.
- सोचने का समय: 7 दिन या ज़्यादा के लोन पर KFS कम से कम तीन कार्य दिवस मान्य रहता है, इसलिए तुरंत दस्तख़त की ज़रूरत नहीं.
- पीनल चार्ज, पीनल ब्याज नहीं: देरी का शुल्क वाजिब और पहले से बताया हुआ हो, और उसे ब्याज दर में नहीं जोड़ा जा सकता या उस पर ब्याज नहीं लगाया जा सकता (2024 से).
- शिकायत किससे: KFS में ऋणदाता के शिकायत निवारण अधिकारी का फ़ोन और ईमेल होना चाहिए.
ऋणदाता क्या मना कर सकता है
- आपके स्वीकार किए KFS के शुल्क और उन पर GST लिए जा सकते हैं.
- KFS के आकस्मिक शुल्क, जैसे पीनल या बाउंस शुल्क, घटना होने पर लिए जा सकते हैं. ये APR में नहीं होते.
- बाद में स्पष्ट सहमति दिया शुल्क (जैसे आपकी माँगी सेवा) KFS में न हो तब भी लिया जा सकता है.
- 1 अक्टूबर 2024 से पहले मंज़ूर लोन पर इन नियमों के तहत KFS नहीं होता; मंज़ूरी पत्र और लोन एग्रीमेंट शुल्क तय करते हैं. फिर भी ब्योरा माँग सकते हैं और उनमें न लिखी चीज़ पर सवाल कर सकते हैं.
लिखने से पहले
- अपना KFS (या मंज़ूरी पत्र) और जमा व कटी रकम दिखाने वाला बैंक स्टेटमेंट निकालें.
- आँकड़े [KFS / APR जाँच](/loan-apr-kfs-checker) में डालें: APR में सभी शुल्क हैं या नहीं, और KFS से ज़्यादा कटा या नहीं, यह दिखता है.
- हर सवाल वाले शुल्क की सूची बनाएँ: तारीख़, रकम और स्टेटमेंट पर लिखा विवरण.
- जाँचें कि आपने सहमति दी थी या नहीं, जैसे दस्तख़त किया बीमा फ़ॉर्म. दी हो तो उसे रद्द करने का तरीक़ा पूछें.
शिकायत आगे कैसे ले जाएँ
KFS में लिखे शिकायत निवारण अधिकारी को लिखें. 30 दिन में संतोषजनक जवाब न मिले तो KFS, स्टेटमेंट और अपना पत्र लगाकर RBI लोकपाल से शिकायत करें. KFS के बाहर शुल्क लेना RBI नियमों का उल्लंघन है; रकम और उस पर लगा ब्याज वापस माँगें.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या बैंक KFS में न लिखा शुल्क ले सकता है?
आपकी स्पष्ट सहमति के बिना नहीं. यह 1 अक्टूबर 2024 से मंज़ूर रिटेल और MSME टर्म लोन पर लागू है.
लोन से कम रकम खाते में आई. क्या यह ठीक है?
प्रोसेसिंग फ़ीस जैसे KFS के शुल्क अक्सर लोन से काटे जाते हैं. पर जमा रकम = लोन घटा वे शुल्क होनी चाहिए. ज़्यादा कटा हो तो हर कटौती का ब्योरा और KFS के बाहर की रकम का रिफ़ंड माँगें.
मेरे KFS का APR ब्याज दर जितना ही है. क्या यह सही है?
सिर्फ़ तब जब कोई शुल्क न हो. प्रोसेसिंग फ़ीस, बीमा या दूसरे शुल्क लिए गए हों तो APR ब्याज दर से ज़्यादा होना चाहिए. हमारी KFS / APR जाँच से देखें.
लोन में बीमा जोड़ दिया गया. क्या रद्द हो सकता है?
ऋणदाता और बीमा कंपनी से लिखकर पूछें. लोन के साथ लिया बीमा KFS में दिखाकर APR में गिना जाना चाहिए. सहमति नहीं दी थी तो हटाने और रिफ़ंड की माँग करें; दी थी तो पॉलिसी रद्द करने की शर्तें पूछें.